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क्या भारत में तेजी से पैर पसार रहा है दुनिया का सबसे खतरनाक जिहादी संगठन ISIS.. ?

दुनिया के नक्शे से लगभग खत्म हो चुका, (इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया) जो बाद में सिकुड़कर इस्लामिक स्टेट तक IS रह गया था, क्या वो अब भारत में तेजी से पैर पसारने लगा है, ये कुछ सवाल इन दिनों भारत में तेजी से उभरने लगे हैं. जिसका ताजा उदाहरण आज दिल्ली के धौलकुआं इलाके से मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया जिहादी अबू युसफ, जो लगातार सुरक्षा एजेंसियों को बरगलाने की कोशिश कर रहा है, कभी खुद को यूपी के बलरामपुर का बता रहा है, तो कभी गाजियाबाद का कभी उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर का निवासी.

हालांकि यूपी के बलरामुपर में, जहां से सबसे पहले उसके ताल्लुक रखने की खबर आई थी, वहां पर अब पुलिस और अन्य एजेंसियां जांच कर रही हैं. इस वक्त जहां से मैं ये खबर लिख रहा हूं, वहां से कोई 40-45 दूर है बलरामपुर जिला, जहां की उतरौला तहसील का रहने वाला बताया जा रहा है जिहादी अबू युसुफ.

अयोध्या पर मंडरा रहा बड़ा खतरा

यूपी सरकार के प्रवक्ता ने बताया- दिल्ली में गिरफ़्तार उत्तर प्रदेश के बलरामपुर निवासी आतंकवादी ने पूछताछ में बताया है कि उसकी अयोध्या में राम मंदिर शिलान्यास के एक महीने के भीतर आतंकी हमला करने की योजना थी. पकड़े गए आतंकवादी ने बताया है कि संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पिछले साल के आखिर में हुई हिंसा में उपद्रवियों से वसूली, संपत्तियों की कुर्की के नए क़ानून और राज्य में पुलिस के साथ मुठभेड़ में अल्पसंख्यक समुदाय के 47 अपराधियों के मारे जाने का बदला लेने की भी तैयारी थी।

सबसे महत्वपूर्ण बात है कि अयोध्या से उतरौला की दूरी 70 किमी है,यानि कि करीब डेढ़ घंटे का रास्ता है. जिसके बाद अब अयोध्या में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. यूपी में अब नए सिरे से आतंकी खतरा बढ़ता दिख रहा है. यूपी पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

तो वहीं अभी 3-4 दिन पहले ही भारत की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरु से भी नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने एक आप्थाल्मालॉजिस्ट को गिरफ्तार किया है. बेंगलुरु के एमएस रमैया मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करने वाला आप्थाल्मालॉजिस्ट का नाम अब्दुल रहमान है.

एनआईए गिरफ्त में आया यह शख्स एक ऐसे मेडिकल एप्लीकेशन पर काम कर रहा था, जिसकी मदद से ISIS के बीमार आतंकियों का इलाज किया जाता था. NIA के स्टेटमेंट के मुताबिक 28 वर्षीय रहमान ने ISIS आतंकवादियों के इलाज के लिए 2014 की शुरुआत में सीरिया में आईएसआईएस के एक मेडिकल कैंप का दौरा भी किया था. जहां वो 10 दिनों तक इस्लामिक स्टेट के गुर्गों के साथ रहा था.

2020 की शुरुआत में जनवरी माह में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आईएसआईएस (ISIS) के तीन आतंकियों को एनकाउंटर के बाद वजीराबाद से गिरफ्तार किया था. जिनकी पहचान ख्वाजा मोइनुद्दीन (52), सैयद नवाज (32) और अब्दुल समद के रूप में हुई थी, तमिलनाडु निवासी इन तीनों आतंकियों ने साल 2014 में एक हिंदू नेता की हत्या की थी. हिंदूवादी नेता की हत्या की बाद 6 लोग तमिलनाडु से फरार चल रहे थे.

हालांकि 2019 में भी देशभर में बड़े पैमानों पर आईएसएस आतंकियों की गिरफ्तारी हुई थी, और 2020 में भी लगातार इस तरह के मामलों का सामने आना ये साबित करता है कि भारत में दिनों दिन ISIS की जड़े गहरी होती जा रहीं हैं.

राम मंदिर शिलान्यास के बाद इस तरह आतंकी का पकड़ा जाना बड़े खतरे की और इशारा है. समय रहते सुरक्षा एजेंसियों को ऐसे लोगों को खोज निकालना होगा, जो भी इसकी विचारधारा को सही ठहराते हैें, क्योंकि उन्हींं में से कौन अगला जिहादी, और कितना खतरनाक बन जाएगा. ये कोई नहीं जानता.

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