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आजादी पूर्व बने हनुमान मंदिर को तोड़कर आखिर क्या साबित करना चाहता है पाकिस्तान ?

Pakistan + Hanuman temple + Hindus

नई दिल्ली अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने पाकिस्तान द्वारा हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचने के संदर्भ में केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि भारत में सांप्रदायिक सौहार्द को खत्म करने के लिए पाकिस्तान ने यह हरकत की है।

क्या है पूरा मामला ?

पाकिस्तान में आजादी से पूर्व बने हनुमान मंदिर को बीते सोमवार को ध्वस्त कर दिया गया है। साथ ही मंदिर में मौजूद देवी देवताओं की मूर्तियों का भी कोई पता नहीं है। कालोनी बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन की मदद से एक बिल्डर ने यह कदम उठाया था। खबर है कि मंदिर के आसपास 20 हिन्दुओं के घरों को भी ध्वस्त कर दिया गया। इस पूरी घटना पर पाकिस्तानी सरकार का कोई औपचारिक बयान अभी नहीं आया है।

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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने पाकिस्तान द्वारा हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचने के संदर्भ में केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। (Source: Google/Images)

प्राचीन हनुमान मंदिर कराची के लायरी में था, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसका निर्माण बंटवारे के पहले हुआ था।

ध्वस्त होने के पांच दिन बाद मिली जानकारी

मंदिर के पुजारी का आरोप है कि तकरीबन 6 महीने पहले कराची के बाहरी इलाके लायरी की जमीन एक बिल्डर ने खरीदी थी। कॉलोनी बनाने के मकसद से बिल्डर ने मंदिर को ध्वस्त करा दिया। इस क्षेत्र में 20 हिंदू परिवार रहते हैं और पास ही में प्राचीन हनुमान मंदिर भी था। महामारी के चलते इसे कुछ महीने पहले बंद कर दिया गया था। ‘द ट्रिब्यून’ अखबार के मुताबिक, मंदिर सोमवार रात तोड़ा गया था लेकिन इसकी जानकारी शुक्रवार रात सामने आई। इस पूरी

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर हिन्दू परिवार जमा हो गए। इसी दौरान पुलिस ने पहुंचकर पूरा एरिया सील कर दिया। लेकिन मंदिर तबतक मलबे में तब्दील हो चुका था।

मंदिर के आसपास 20 हिंदू परिवार रहते थे, इनके घर भी तोड़े गए

बलोच कम्युनिटी ने किया विरोध

मंदिर के टूट जाने से स्थानीय बलोच कम्युनिटी के लोगों की भावनाओं को भी आहत पहुंची है। क्षेत्र में रहने वाली बलोच कम्युनिटी ने मंदिर तोड़े जाने का विरोध किया है। बलोच नेता इरशाद बलोच ने कहा हम बहुत दुखी हैं। बचपन से इस मंदिर को देख रहे थे। यह हमारी विरासत का प्रतीक था।

जब बिलख पड़े मंदिर के पुजारी

मंदिर के पुजारी हरसी ने रोते हुए कहा कि पहले हमारे घर उजाड़े और अब मंदिर भी तोड़ दिया गया। कोई ये भी नहीं बता रहा कि हनुमानलला की मूर्तियां कहां हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि बिल्डर ने ये वादा किया था कॉलोनी के निर्माण में मंदिर को कोई क्षति नहीं पहुंचेगी। लेकिन परिणाम विपरीत हुआ। घटना के बाद इलाके में तनाव है। हिंदू समुदाय के नेता मोहन लाल ने कहा – इतना सब होने के बावजूद बिल्डर हमें इलाका छोड़ने की धमकी दे रहा है। पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है।

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